Darpok Bhoot ki kahani | बच्चों केलिए डरपोक भूत की मजेदार कहानी 2023

आज की ‘Darpok Bhoot ki Kahani‘ कहानी एक डरपोक चुड़ैल और लकड़हारा की हे जो बहुत ही रोचक और मजेदार कहानिओं में से एक हे। ये कहानी बच्चों को बहुत ही आनंद और पड़ने में बहुत ही मजा आएगा।

Darpok Bhoot ki Kahani

मजेदार कहानी किसको ना पसंद हे। बच्चों से बुजुर्ग तक सबको मजेदार कहानी पसंद होता हे। और बह कहानी अगर भूत-प्रेत और चुड़ैल की हो तब तो और पसंद आता हे।

भूतों की हर कहानी रोचक, मजेदार और दिलचस्त से भरा हुआ रहता हे। ऐसा नहीं हे की ये कहानी पढ़कर डर नहीं लगता। भूत-प्रेत और चुड़ैल की कहानी का मतलब ही होता हे डर।

लेकिन कुछ कहानियां खाश करके बच्चों केलिए लिखा जाता हे जिसका बास्तब से कोई संपर्क नहीं होता। बह काल्पनिक कहानी हे।

जैसे ‘Darpok Bhoot ki Kahani‘ डरपोक चुड़ैल और लकड़हारा की कहानी भी कुछ ऐसा ही जो सिर्फ बच्चों की मनोरंजन करने केलिए लिखा जाता हे।

तो चलिए बच्चों जानते हे की ‘डरपोक भूत की कहानी‘ में एक लकड़हारा अपने बुध्दि से कैसे एक डरावनी चुड़ैल को एक डरपोक चुड़ैल में बदल दिया?

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Darpok Bhoot ki kahani | डरपोक भूत की कहानी
Darpok Bhoot ki kahani | डरपोक भूत की कहानी

एक बार की बात हे, बसुंधरा गांव में रामु नामके एक लकड़हारा रहता था। और रामु बसुंधरा गांव की पास की एक जंगल में रोज लकड़ी काटने जाता हे।

और बो लकड़ी बाजार में बेचकर जो पैसा मिलता हे उसीसे रामु और रामु की पत्नी दोनों का बहुत अच्छे से गुजरा हो जाता हे।

रोज की तरह उस दिन भी रामु जंगल में लकड़ी काटने केलिए जाता हे और लकड़ी काटने लगता हे और लकड़ी काटते काटते कब साम हो गया रामु को पता ही नहीं चला।

जब थोड़ा साम की अँधेरा हुआ तब रामु कहने लगा की आरे साम हो गया हे अगर अभी में जल्दी से घर ना गया तो में बहुत मुसीबत में फास जाऊंगा।

ये सोचते ही रामु घर की तरफ चल दिए और तभी बारिश शुरू हो गयी। रामु कहने लगा आरे अचानक बिन बदल का बारिश कैसे होने लग गयी में थोड़ी देर उस पेड़ की निचे चला जाता हु।

ये कहते हुए रामु एक बड़ा पेड़ की निचे जाकर खड़ा हो गया। तभी रामु को अजीब अजीब सा आवाजे सुनाई देती हे। रामु ये आवाज सुनकर डरने लगता हे और कहता हे,

ये केसी आवाजे हे, लगता हे आज में बहुत बड़ी मुसीबत में फ़सने बाला हु। कुछ ही देर बाद बारिश रुक जाता हे और रामु अपने घर की तरफ चल देता हे।

तभी रामु को अचानक महसूस होता हे की कोई उसका पीछे पीछे आ रहा हे लेकिन रामु जब पीछे मुड़ कर देखता हे तो उसे कुछ भी दिखाई नहीं देता।

फिर से रामु डर डर के आगे बड़ने लगता हे तभी अचानक पीछे से कोई रामु रामु कहेके पुकार ने लगता हे और कहता हे रामु रामु तुम मुझे छोड़कर कहा जा रहे हो।

रामु ये सुनकर बही रुक जाता हे फिर से पीछे मुड़ कर देखता हे तो उसे कोई भी दिखाई नहीं देता। तभी उसे अचानक गांव बालो की बाटे याद आने लगता हे की,

अगर जंगलो में कोई पीछे किसीका नाम लेकर पुकारे तो कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखना। ये सोचते ही रामु डर के मारे कांपने लगता हे और करहेता हे,

हे भगबान लगता हे आज में बहुत बुरा फास गया हु चाहे कुछ भी हो जाये में पीछे नहीं देखूंगा। फिर रामु आपने घर की तरफ आगे बड़ने लगता हे।

तभी अचानक एक बहुत ही डरावनी चुड़ैल रामु की पीछा करते हुए कहता हे रामु रामु तुम मुझे छोड़कर कहा जा रहेहो मेरी बात तो सुनकर जाओ रामु थोड़ा रुको मुझे छोड़कर मत जाओ।

रामु ये सुनकर बहुत ही घबड़ा जाता हे और कहता हे, आप कौन हे और मेरा नाम आपको कैसे पता चला कृपा करके आपका नाम तो बताइए?

चुड़ैल कहता हे, में मोहिनी हु और तुम्हारे लिए में जन्मो जन्मो से इस जंगलो में इंतजार कर रहा हु। थोड़ा मुझे पीछे मुड़ कर तो देखो रामु?

रामु कहता हे, आज बसे भी घर लौटने में मुझे देर हो गया हे, मेरा पत्नी मेरे लिए घर में इंतजार कर रहा हे। आज नहीं में कल तुमसे मिलने केलिए इस जंगल में बापस आऊंगा।

नहीं नहीं रामु तुम मुझकर अकेला इस जंगल में छोड़कर नहीं जा सकते हो। रामु एकबार मुझे पलट कर देखो? रामु बहुत डर जाता हे और कहता हे ये तो एक चुड़ैल हे।

ये कहते हुए रामु बहुत ही तेजी से जंगल से भागने लगता हे और बह चुड़ैल भी रामु का पीछा करते हुए कहता हे, आज तू कहा मुझे छोड़कर कहा भागेगा में तुझे ये जंगल से बाहार जाने नहीं दूंगी।

रामु भागते भागते अपने घर में पहुंच जाता हे। और आपने घर की दरबाजा खाट खटाते हुए कहता हे आरे प्रेमकुमारी दरबाजा खोलो, आरे जल्दी दरबाजा खोलो मेरी पीछे चुड़ैल पड़ी हुयी हे?

Darpok Bhoot ki kahani | डरपोक भूत की कहानी
Darpok Bhoot ki kahani | डरपोक भूत की कहानी

घर की अंदर से रामु की पत्नी प्रेमकुमारी कहता हे, रुको थोड़ा सबर तो करो। पाता नहीं इतना रात को कौन कहा कहा से आ जाता हे।

रामु फिर से आपने घर की दरबाजा खाट खटाते हुए कहता हे आरे प्रेमकुमारी दरबाजा खोलो कही यहाँ पर भी मेरा पीछा करते करते चुड़ैल ना आ जाये।

तभी रामु की पत्नी दरबाजा खोलता हे और रामु भागकर घर की अंदर आ जाता हे और कहता हे जल्दी से दरबाजा बंद करो नहीं तो बह चुड़ैल घर की अंदर आ जायेगा।

प्रेमकुमारी दरबाजा बंद करके कहता हे, हे भगबान आपको किया हुआ? आप ठीक तो हे ना? रामु ने प्रेमलता को साड़ी बात कहते हुए कहा आज में उस चुड़ैल से बाल बाल बच गया।

प्रेमकुमारी कहता हे की आपने उस चुड़ैल को पलट कर तो नहीं देखा ना? रामु ने कहा नहीं नहीं मेने पलट कर नहीं देखा।

प्रेमकुमारी कहता हे अब आप किया करेंगे कल भी तो आपको लकड़ी काटने लेकिये उस जंगल में जाना पड़ेगा ना? और चुड़ैल की डर से लकड़ी नहीं काटेंगे तो बाजार में जाकर किया बेचेंगे और हमारा घर कैसे चलेगा।

हमें लगता हे की इस चुड़ैल की बजह से हमारा घर की चूल्हा अब बंद होने बाला हे हम्हे अब भूखा मरना पड़ेगा। रामु ने कहा तुम चुनता मत करो में इस चुड़ैल की दर से जनागल जाना बंद नहीं करूँगा। में कल भी लकड़ी काटने जंगल में जाऊंगा।

प्रेमकुमारी ने कहा, लेकिन बह चुड़ैल ने कल भी आपके पीछे पड़ गया तो आप किया करेंगे? रामु ने कहा, तुम बिलकुल चिंता मत करो मेरे पास चुड़ैल को काबू करने की एक दबा हे। रात बहुत हो गया हे तुम जाकर सो जाओ।

फिर प्रेमकुमारी आपने कंडे में सोने चला जाता हे। अगले दिन सुबह रामु फिर से जंगल में पहुंचकर लकड़ियां काटने लगता हे।

और मन ही मन में सोचता हे की, आज भी बह चुड़ैल ना मिल जाये, में आज ज्यादा लकडिया काटकर जल्दी यहाँ से निकल जाता हु ताकि काल मुझे बापस लकड़ी काटने केलिए जंगल में ना आना पड़े।

रामु ज्यादा लकड़ियां काटने की बजह से साम हो जाता हे और डरावनी आबाजे आने लगती हे। रामु ने आवाजे सुनकर कहने लगता हे की ये केसी आवाजे हे?

में ज्यादा लकड़ियां काटने की लालच में कही गलतिया तो ना कर दिया? तभी बह चुड़ैल बहा पहुंच जाता हे और कहता हे, मेरे राजा आप बापस आ गए में बहुत देर से आपकी इंतजार कर रहा था।

तभी रामु ने कहा कौन हे बहा? कौन हे बहा? तभी बह चुड़ैल रामु के पास आ जाता हे। रामु ये देखकर कहता हे, आरे बाप रे ये तो बही चुड़ैल हे।

चुड़ैल ने कहता हे, कल आप मुझे अकेला छोड़कर क्यों भाग गए थे थोड़ा मुझे पीछे मुड़ कर तो देखो? आज तो तुम्हे मुझे पीछे मुड़ कर देख ना ही होगा? नहीं तो में तुम्हे कही नहीं जाने दूंगा।

रामु ने सोचा की ये चुड़ैल तो आज मुझे किसी भी हालत में यहाँ से जाने नहीं देगा, एक काम करता हु, काल रात को जो चुड़ैल को काबू करने की दबा के बारे में सोचा था उसे एकबार आजमाके देखता हु।

सईद बह दबा काम कर जाये। ये सोचते हुए रामु ने कहा ठीक हे मोहिनी जी में तुम्हे मुड़ कर जरूर देखूंगा लेकिन उसके पहले तुम्हे मेरी एक बात मानना पड़ेगा?

चुड़ैल ने कहा, केसी बात? रामु ने कहा आप पेहेले आपने आँखे बंद कर लीजे उसके बाद में आपकी तरफ देखूंगा? चुड़ैल ने कहा, तो मेरी रामु को मुझे देखकर शर्म आ रहा हे हा हा हा हा। चुड़ैल ने हस्ते हुए आपने आँखे बंद कर लिया।

तभी रामु भाग कर आपने झोले से एक आयना निकल कर उसके सामने खड़ा हो जाता हे और कहता हे, मोहिनी जी अब आपने आँखे खोलो देखो में आपके सामने खड़ा हु।

तभी बह चुड़ैल आपने आँखे खोलकर देखता हे की उसके सामने और एक चुड़ैल खड़ा हे। ये देखकर बह चुड़ैल को बहुत ही गुस्सा आ जाता हे।

Darpok Bhoot ki kahani | डरपोक भूत की कहानी
Darpok Bhoot ki kahani | डरपोक भूत की कहानी

और गुस्से में आकर केहेती हे, ये कौन हे तू? रामु सिर्फ मेरा हे इसे तू इसी बक्त छोड़ दे बरना बहुत ही बुरा होगा। ये कहकर बह चुड़ैल आपने परछाई को जितना डरता हे उतना ही उसका परछाई भी उसे डरती हे।

बह चुड़ैल उसकी परछाई से बहुत बेहेष करने लगता हे और इसी मौका की फ़ायदा उठाकर रामु आयना को धीरे से जमीन पर रखकर धीरे धीरे छुप कर बहा से निकल जाता हे।

रामु भाग कर आपने गांव ंव आकर गांव बालों को पूरी किस्सा सुनाता हे। और दूसरी तरफ बह मुर्ख चुड़ैल आपने ही परछाई को डरने की कोसिस में जुट जाती हे।

रामु गांव बालो को केहेती हे, की मेरा तरकीब काम करने लगा और मेरे पास और एक अच्छा चुड़ैल को भगाने की तरकीब हे। अगर आप सभी ने मेरा साथ देंगे तो बह चुड़ैल को जंगल से हमेश हमेशा केलिए भगा सकते हे।

सभी गांव बालो ने रामु की बात को मानकर कहता हे, ठीक हे रामु हम सभी को तुम्हारी तरकीब अच्छा लगा। चलो हम सब अभी जंगल में चलते हे।

सारे गांव बालो आपने हाथो में एक एक आयना पकड़ कर थोड़ी देर में ही जंगल में पहुंच जाता हे। चुड़ैल अभी भी आपने परछाई को डरने में जुटा हे।

तभी गांव बालो ने आपने हाथो में आयना लेकर चुड़ैल की सामने खड़ा हो जाता हे और पीछे से छुपकर रामु कहता हे, ये चुड़ैल तू यहाँ किया कर रहा हे?

ये हमारा जंगल हे, अगर तू अभी का अभी ये जंगल चोकर नहीं गया तो हम सब चुड़ैल मिलकर तुझे अभी यहाँ मार दूंगी। चुड़ैल ने आपने सामने इतना सारे चुड़ैल को देखकर बहुत ही डर जाता हे।

और कहने लगता हे, आरे बाप रे इतना सारा चुड़ैल इस जंगल में कहा से आ गया, मुझे अभी ये जंगल छोड़कर भागना होगा नहीं तो ये सभी चुड़ैल मिलकर मुझे मार डालेगा।

तभी बह चुड़ैल बहा से डर के मारे अपना जान बचाकर तुरंत भाग जाता हे। सभी गांव बाले रामी की जय जय कर करने लगता हे और कहने लगे रामु भाई आपकी बजह से इस डरावनी चुड़ैल से मुक्ति मिल गया।

कहानी से सीख : जिसके पास बुद्धि हे बह हर मुश्किल का हाल आसानी से निकल सकता हे।

निष्कर्ष

बच्चों ये कहानी से हमें ये सीखने को मिलता हे की, अगर हम कोई भी परिस्थति में बिना डरे हुए सूझ बुझ और शांत बुध्दि से काम करेंगे तो बड़ा से बड़ा समस्या की समाधान बहुत ही आसानी से कर सकते हे।

डरपोक भूत की कहानी में डरपोक चुड़ैल और लकड़हारा की कहानी आपको केसा लागा जरूर कॉमेंट करके बताना।

डरपोक भूत की कहानी FAQ

Q. गूगल सबसे डरावनी जगह कौन सी हे?

A. गूगल की तहत इस दुनिया की सबसे डरावनी जगह बीचबर्थ की पागलखाना। ये पागलखाना ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया में स्थित हे।

Q. डरावनी की पांच तत्व किया हे?

A. डरावनी की सबसे महत्ब पूर्ण पांच तत्व हे –
1) भय
2) रहस्य
3) खून
4) हिंसा
5) अलौकिक
डरावनी कहानिओं में इन पांच तत्व का उपयोग इसलिए करता हे ताकि भय और आतंक का एक मोहोल बना सके।

Q. डरपोक भूत की कहानी में लकड़हारा की किया नाम हे?

A. डरपोक कहानी में लकड़हारा का नाम था रामु।

Q. Darpok Bhoot ki Kahani में चुड़ैल का किया नाम था?

A. Darpok Bhoot ki Kahani में चुड़ैल काम मोहिनी था।

Q. Horror Story for Kids in Hindi का किया मतलब हे?

A. Horror Story for Kids in Hindi का मतलब बच्चों के लिए हिंदी में डरावनी कहानी।

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