Bhoot ki Kahani Darawni | भूत की कहानी डरावनी | Haunted Train Part 2

Bhoot ki Kahani Darawni एक ऐसी Haunted Train की हे जो आपने ना कभी देखा ना आपने कभी सुना। ये कहानी 21 साल की लड़का नीलेश की हे जो रात की 11 बजे की ट्रेन से ऑफिस छुट्टी होने की बाद आपने मामाजी के घर जा रहा था। तभी उसके साथ अचानक….

Haunted Train | Bhoot ki Kahani Darawni

भूत की कहानी डरावनीHaunted Train Part 1 कहानी में आपने पड़ा था की नीलेश आपने मामाजी की घर जाने केलिए ट्रेन में चढ़ा था।

लेकिन उस ट्रेन में उसके साथ अजीब अजीब सा घटनाये घटने लगी। उसे समझ में नहीं आ रहा था की बह किया करे इसलिए बह आपने मामाजी से मदत मांग रहा था।

तभी उसके फ़ोन की नेटवर्क ना रही की बजह से फ़ोन कट हो गया और बह एक अनजान स्टेशन पर आकर उतर गया। स्टेशन पर उतर कर ही उसे एक खून से लटपट बोर्ड नजर आया।

नीलेश उस बोर्ड को देखकर भागने लगा तभी उसके साथ एक भूतिया घटना घटी। नीलेश की साथ किया भूतिया घटना घटी थी? ये साबलो की जबाब जानने केलिए चलिए आगे पड़ते हे।

Haunted story in Hindi | ट्रेन हॉरर स्टोरी इन हिंदी

Bhoot ki Kahani Darawni | भूत की कहानी डरावनी | Haunted Train Part 2
Bhoot ki Kahani Darawni | भूत की कहानी डरावनी

जब नीलेश खून से भरा हुआ बोर्ड से खून टपक हुआ देखकर बहुत घबराते हुए तेजी से आपने ट्रेन की अर तेजी से भाग रहा था तभी अचानक नीलेश की फोन बजने लगा।

नीलेश भागते हुए फ़ोन उठाया तो देखा की मामाजी की ने फ़ोन किया हे। मामाजी ने कहा बेटा तुम बिलकुल डरो मत, तुम्हारी ट्रेन जिस ट्रैक से आयी हे उसी ट्रैक पर बापस जाओ।

बहा तो कुछ ना कुछ तुम्हे दिखी देगा जैसे कोई मंदिर, कोई घर, कोई चर्च कुछ भी अगर दिखाई दे तो मुझे तुरंत फ़ोन करके बताना में पुलिस से मदत मांगने की कोसिस कर रहा हु। ये कहते हुए मामाजी ने फ़ोन रख दिया।

नीलेश ने मंजी की कहने पर उसे ट्रैक में भागने लगता हे। ट्रैक में भी बहुत अँधेरा था नीलेश को सही से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन बह फिर भी घबराते हुए बही ट्रैक को अनुसरन करके बहुत तेजी से भागने लगा।

जब नीलेश उस ट्रैक में भाग रहा था तभी उसे महसूस हुआ की उसके पीछे बहुत सारे कदमो की आवाज सुनाई दे रहा हे ऐसा लग रहा था की बहुत सारे लोग उसकी पीछे पीछे दौर रहा हे।

नीलेश फिर भी हिम्मत करके उसकी पीछे की तरफ देखती हे लेकिन पीछे कोई भी नहीं था सिर्फ सन्नाटा छाया हुआ था। नीलेश अपने पूरी ताकत लगाकर ट्रेन की ट्रैक पर दौरति ही जा रहा था।

तभी अचानक उसकी कानो में किसी की अजीब सा आवाज सुनाई देता हे। ऐसा लग रहा था की कोई उसे उसकी नाम से पुकार रहा हे।

नीलेश इतना डर गया था की उसे दुबारा पीछे मुड़ने की हिम्मत ही नहीं हो रहा था। नीलेश ने आपने फ़ोन की फ़्लैश लाइट को जलाते हुए हाथो में लेकर बस दौरति ही चला जा रहा था।

दौरते दौरते अचानक ही नीलेश की पैर रोक गया और बह जो देखा उसे देखकर नीलेश की होश उड़ गया। नीलेश देखा की उसके सामने पोल पर एक औरत उल्टी लटकी हुयी थी।

उस औरत की बाल हवा में लेहेरा रहा था, उसके चहरे खून से लतपत था और बह खतरनाक डरावनी चहरे के साथ अजीब तारीखों से जोर जोर से हास रही थी।

ये दृश्य देखने बाद नीलेश की हाथ पैर थर थर कांपने लगा उसे और आगे जाने की हिम्मत नहीं हो तहा था। इसलिए नीलेश बपाश आपने ट्रेन पकड़ ने केलिए आपने स्टेशन पर जाने केलिए मुड़ जाता हे।

Bhoot ki Kahani Darawni | भूत की कहानी डरावनी | Haunted Train Part 2
Bhoot ki Kahani Darawni | भूत की कहानी डरावनी

लेकिन बापस मुड़ते ही बही पोल पर उल्टी लटक ती हुयी औरत उसके सामने उल्टा लटक रहा था। और पालक झपक औरत गायब हो गया।

तभी उसे उस ट्रैक पर एक आदमी दौरता हुआ दिखाई दिया। उस आदमी का पूरा शरीर काटा हुआ था और खून से भरा हुआ था।

बह आदमी बहुत डरावना सा दिख रहा था और अजीब तारीखों से हास रहा था। बह आदमी आपने काटा हुआ हाथ हिलाकर उसे ट्रैक में दौरने केलिए इशारा कर रहा था।

नीलेश पूरी तरह सुन पड़ गया था उसे बिल्कुल समझ में नहीं आ रहा था की बह कहा जाये। तभी नीलेश फिर से पीछे मुड़ा तो देखा की जहाँ पर कुछ ही मिनिट पहले एक औरत पोल में उल्टी लटकी हुयी थी बाह अब बहा नहीं हे।

अब बह पोल बिलकुल खली था और आगे की ट्रैक भी पूरी तरह से खली दिख रहा था इसलिए नीलेश उस काटा हुआ शरीर बाले आदमीसे बचने केलिए फिर से नीलेश बही ट्रैक से बहुत तेजी से दौरने लगता हे।

कुछ देर दौरने के बाद उसे ट्रैक के पास एक गाड़ी खड़े हुए दिखाई देता हे तभी नीलेश ने उस गाड़ी के बारेमे बताने केलिए फ़ोन उठती हे तो देखता हे की फ़ोन की बैटरी लौ दिखाकर फ़ोन बंद हो गया हे।

नीलेश ने सोचने लगा की बह गाड़ी की हेड लाइट तो ऑन दिख रहा हे, किया करू उससे मदत मांग लू या इस भूतिया स्टेशन पर आपने मौत का इंतजार करता राहु।

नीलेश बहा खड़े होकर थोड़ा सोचता हे और गाड़ी के सामने जाकर अपना हिलता हे। नीलेश को घबराते हुए देखकर गाड़ी के अंदर से एक आदमी बाहार आता हे।

और बह आदमी नीलेश से कहता हे, किया हुआ, आप इतना रात में अकेला इस ट्रैक पर किया कर रहा हे? सब कुछ ठीक तो हे ना?

नीलेश की हालत इतना बुरा हो गया था की ऐसा लग रहा था की किसी भी बक्त बह बेहोश होकर गिर पड़ेगा। नीलेश इतना डरे हुए था की उसका मुँह से कोई भी आवाज ही नहीं निकल रहा था।

नीलेश की ये हालत देखकर बह आदमी नीलेश को आपने गाड़ी में बैठा लेता हे और कहता हे की पहले आप थोड़ा आराम से बैठिये और बताईये किया बात हे।

तब नीलेश गाड़ी की अंदर बैठकर उस आदमी से कहते हे की, मुझे पाता नहीं मेरे साथ किया हो रहा हे। मुझे पाता नहीं की में कैसे इस जगह पर कैसे आगेया हु और में अब लाख कोसिस के बाद भी यह से निकला नहीं पा रहहु।

किया आप को पता हे की ये जगह कौन सी हे? नीलेश आपने धुंद में उस आदमी से बोलता ही चला जा रहा था और तभी उसे अचानक महसूस हुआ की बह आदमी गाड़ी को बापस उसी प्लैटफॉर्म की अर लेकर जा रहा हे।

तभी नीलेश ने उस आदमी से कहा, प्लीज गाड़ी रोको मुझे आप कहा लेकर जा रहेहो मुझे बपाश उस स्टेशन पर नहीं जाना हे मुझे घर जाना हे।

Bhoot ki Kahani Darawni | भूत की कहानी डरावनी | Haunted Train Part 2
Bhoot ki Kahani Darawni | भूत की कहानी डरावनी

नीलेश की ये बात कहते ही बह आदमी मुस्कुराते हुए नीलेश की तरफ देखता हे और पल भर में उस आदमी की चेहरा बदलने लगता हे।

और बह उसी आदमी की चेहरा में बदल जाता हे जो नीलेश ने उस ट्रैक पर देखा था। ये देखकर नीलेश जोर से चिल्लाने लगता हे और गाड़ी से उतारकर फिर से पगली की तरह स्टेशन की तरफ दौरने लगता हे।

और नीलेश कुछ देर बाद दोरते हुए फिर से बही स्टेशन पर आ जाता हे और छुपने केलिए बह फिर से ट्रेन पर चढ़ जाता हे और बह एक सीट के निचे चुप जाता हे।

नीलेश इतना डर चूका था की सुका पूरा बदन पसीना से भीग चूका था। उसका पूरा शरीर से पसीना बेहे रहा था। नीलेश की दिल में डर इसकदर बैठ गया था की बह कुछ ही पालो में बेहोश हो गया।

नीलेश की बेहोश होते ही 5 मिनिट के बाद ट्रैन चल पड़ता हे और बह स्टेशन को छोड़ कर तेजी से आगे बड़ जाता हे। कुछ घंटो के बाद नीलेश को होश आता हे।

और नीलेश आँखे खोलते ही देखता हे की बह एक कामड़े में हे और उसके सामने एक नर्स खड़ा हे। तभी नर्स ने कहता हे, आप अभी कैसे महसूस कर रहेहो सर?

आप आपने सीट पर बेहोश हो गयी थो और ट्रेन की दो स्टाफ मेंबर आपको इस स्टेशन की आपातकाल रूम में लेकर आया हे। आप आपकी घर में थोड़ा इंफॉर्म कर दीजे?

नीलेश हैरानी से उस रूम की चारो और देख रहा था क्यूंकि उसे अभी भी बिस्वास नहीं हो रहा था की बह उस स्टेशन से बपाश बाहार आ चूका हे।

तभी नीलेश ने उस नर्स को कहा, प्लीज मेरे मामाजी को बुला दीजे? तभी नर्स ने कहा आपकी फ़ोन लौ बैटरी के कारन बंद हो चूका था इसलिए में आपको फ़ोन चार्ज कर दिया हे। ये लीजे आपकी फ़ोन।

तभी नीलेश ने नर्स से अपना फ़ोन लेकर मामाजी को फ़ोन करता हे। मामाजी फ़ोन उठाते ही कहता हे, बेटा इतना देर तक तुम कहा था में बहुत परेशन था।

चार घंटे हो गया अभी तक तुम घर नहीं लोटा अगर तुम्हारा कुछ हो गया तो में अपने बेहेन को किया जबाब दूंगा। ये सुनकर नीलेश कहता हे की, मामाजी आपको पाता ही तो था, मेने तो आपको फ़ोन पर सब कुछ बताया तो था?

मामाजी ने कहा, बेटा नीलेश ये तुम किया बोल रहा हे? मेरे पास तो तुम्हारा कोई फ़ोन नहीं आया? अभी बो सब बाते छोड़ो और तुम कहा हो ये बताओ?

नीलेश ने मामाजी को आपने location भेज देता हे और कुछ देर बाद नीलेश की मामाजी आ गए और उसे अपने गाड़ी में बैठकर घर में ले जाते हे।

रस्ते में नीलेश आपने फ़ोन निकलकर छपने की कॉल हिस्ट्री चैक करता हे तो देखता हे की बह इस चार घंटे में लगभग 15 बार उसके मामाजी को फ़ोन किया था लेकिन एक बार भी मामाजी से नीलेश की बात नहीं हुआ था।

नीलेश मन ही मन में सोचने लगा की मेने तो हर बार मामाजी से बात किया था लेकिन फ़ोन बस सिर्फ डायल नंबर ही दिख रहा हे पर अगर बह सब मेरा बेहेम था तो जब में बेहोश था तब मेरा फ़ोन से किसने कल किया और कब किया?

नीलेश की मन में बहुत सारे सबल गूंज रहा था लेकिन ये सारे सबालो की जबाब बस अभी एहि था की एक रात की अंदर इतना सबकुछ देखने की बाबजूद बह जिन्दा आपने घर पर लोट गयी।

नीलेश ने आज की रात को एक सपना समझ कर भूल जाना चाहता था लेकिन तभी नीलेश की नजर गाड़ी की साइड मिरर पर जाता हे और देखता हे की,

बही काटे हुए खून से लतपत डरावनी चहरे बाला आदमी उसकी गाड़ी की ठीक पीछे पीछे दौरता हुआ चला आ रहा हे। और कुछ ही पल में गायब हो जाता हे।

नीलेश ने बह रात को भूल ना चाहता था लेकिन फिर से उस काटे हुए खून से लतपत डरावनी चहरे बाला आदमी को देखकर सईद बह कभी भूल पाएंगे।

निष्कर्ष

भूत-प्रेत या बुरी आत्मा कई निर्दिष्ट आता पता नहीं होता और ये सब कब कहा किस हालत में आपकी सामने आएगा ये तो आपको भी पता नहीं चलेगा।

लेकिन हमें हमेश हिम्मत और साबधानी से चलना होगा और कोई नया जगह पर जाने से पहले किसीसे उस जगह के बारे में अच्छे से जान लीजे ताकि कोई मुसीबत का सामना ना करना पड़े।

भूत की कहानी डरावनी‘ में Haunted Train Part 1 & 2 आपको केसा लगा कमेंट सेक्शन में लिख कर जरूर बताएं ताकि हम आपके लिए और भी अच्छे अच्छे भूत की कहानी प्रदान कर सके।

भूत की कहानी डरावनी FAQ

Q. बच्चों केलिए एक अच्छी डरावनी कहानी किया हे?

A. जो कहानी रोचक, मजेदार और डर से भरपूर होता हे बह कहानी बच्चों केलिए सबसे अच्छा डरावनी कहानी होता हे।

Q. दुनिया की सबसे डरावनी किताब कौन सी हे?

A. दुनिया की सबसे डरावनी किताब का नाम हे The Devil’s Bible ये किताब को दुनिया की सबसे डरावनी और भयानक किताब मन जाता हे। क्यूंकि लोगो का कहना हे की इस किताब को किस मकसद से और कौन लिखा हे किसीको पता नहीं हे।

Q. भूत की कहानी डरावनी में नीलेश को ट्रैक पे कौन पीछा कर रहा था?

A. भूत की कहानी डरावनी में नीलेश की पीछा एक काटा हुआ शरीर खून से लतपत डरावनी चेहरा बाला भूत ने नीलेश का पीछा किया था।

Q. Haunted Train का मतलब किया हे?

A. Haunted Train का मतलब प्रेतबाधित ट्रेन।

Q. ‘भूत की कहानी डरावनी‘ का इंग्लिश में किया मतलब हे?

A. भूत की कहानी डरावनी का इंग्लिश अर्थ Ghost Story Horror होता हे।

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